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career in environmental science

करियर इन एनवायरनमेंटल साइंस
Career in environmental science

जीवित प्राणियों के लिए दैनिक जीवन की सभी अत्याश्यक चीजें जैसे भोजन, वस्त्र, आवास, पानी, हवा तथा रौशनी आदि सभी पर्यावरण से मिलती है परन्तु बढ़ते हुए शहरीकरण और औधोगीकरण की

वजह से पर्यावरण का संतुलन प्राकृतिक रूप से बिगड़ रहा है। पर्यावरण तथा प्राकृतिक संसाधन की सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है तथा इसलिए यह क्षेत्र करियर बनाने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।

भारत जैसे विकासशील देशों में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की बेहद कमी है तथा पर्यावरण से सम्बंधित कोर्स भी बहुत कम संस्थानों में उपलब्ध है। एनवायरनमेंटल साइंस का सीधा सम्बन्ध पर्यावरण को प्रभावित करने वाले सभी कारकों तथा जीवित प्राणियों की पर्यावरण पर निर्भरता से होता है। इसमें पर्यावरण परिवर्तन, जैव विविधता, प्रदूषण तथा इनके पर्यावरण पर प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया जाता है।

इस साइंस को विभिन्न शाखाओं में विभक्त किया गया है जैसे एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इकोलॉजी, जीओसाइंस, एटमोस्फेरिक साइंस, एनवायरनमेंटल माइक्रोबायोलॉजी तथा एनवायरनमेंटल असेसमेंट आदि। फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी विषय के साथ बारहवीं उत्तीर्ण छात्र एनवायरनमेंटल साइंस कोर्स के स्नातक स्तरीय कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। यूजी स्तर के कोर्स बहुत कम संस्थानों में उपलब्ध होते हैं तथा अधिकतर संस्थानों में प्रवेश जेईई या फिर उनके स्वयं के आयोजित एंट्रेंस टेस्ट के जरिये मिलता है। पीजी कोर्स में जैसे एमएससी कोर्स में प्रवेश साइंस में ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को ही मिलता है।

एनवायरनमेंटल साइंस की डिग्री प्राप्त छात्रों के लिए सरकारी क्षेत्र के विभिन्न विभागों, इंडस्ट्री, टीचिंग एंड रिसर्च, कंसल्टेंसी तथा जर्नलिज्म में अधिक अवसर मिलते हैं। सरकारी क्षेत्रों में वन एवं पर्यावरण विभाग, पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, अर्बन प्लानिंग, वाटर रिसोर्सेज तथा कृषि आदि में नौकरी के अवसर प्राप्त होते हैं।

यूजी कोर्स करने के पश्चात छात्रों का शुरुआती पैकेज 2 से 3 लाख रुपये सालाना तक का होता है तथा मास्टर डिग्री प्राप्त छात्रों का सालाना पैकेज 3 से 4 लाख रुपये सालाना तक होता है। एनवायरनमेंटल साइंस रिसर्च आधारित स्ट्रीम होने के कारण इसमें अच्छे करियर के लिए हायर क्वालिफिकेशन जरूरी होती है। मास्टर डिग्री तथा डॉक्टरेट करने वाले छात्रों के लिए इस क्षेत्र में अधिक अवसर मौजूद होते हैं।